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हर की दून

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29

Apr

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By ThinAir

हर की दून (Har Ki Dun) 

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में स्थित एक बेहद खूबसूरत और लोकप्रिय ट्रेक है, जिसे "देवताओं की घाटी" कहा जाता है। यह 3,566 मीटर (लगभग 11,600 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है, जहाँ से स्वर्गारोहिणी चोटियों और ग्लेशियरों के अद्भुत दृश्य दिखाई देते हैं। यह 50 किमी का आसान से मध्यम स्तर का ट्रेक है, जो पहली बार ट्रेकिंग करने वालों के लिए भी उपयुक्त है।हर की दून (Har Ki Dun) उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गढ़वाल हिमालय के पश्चिमी भाग में स्थित एक शानदार "लटकती घाटी" (hanging valley) है। यह गोविंद पशु विहार राष्ट्रीय उद्यान और अभयारण्य (Govind Pashu Vihar National Park) के भीतर 3,566 मीटर (लगभग 11,700 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ट्रेकिंग के लिए प्रसिद्ध है।

हर की दून ट्रेक के प्रमुख विवरण:
  • अवधि: 6 से 7 दिन।
  • दूरी: लगभग 44-50 किलोमीटर (सांकरी/तालुका से)।
  • सर्वोत्तम समय:
     अप्रैल से जून (गर्मियां) और सितंबर से नवंबर (पतझड़)। सर्दियों में (दिसंबर-मार्च) यहां भारी बर्फबारी होती है।
उच्चतम बिंदु: हर की दून वैली (11,600 फीट) और मारिंडा झील (12,500 फीट)।शुरुआती बिंदु: सांकरी (देहरादून से लगभग 200 किमी)।
ट्रेक की मुख्य विशेषताएं:
  • प्राकृतिक सुंदरता: घने देवदार के जंगल, चीड़ के पेड़, और अल्पाइन घास के मैदान।
  • संस्कृति: ओसला (Osla) और गंगर (Gangaad) जैसे पुराने गांव, जहां की संस्कृति और वास्तुकला अद्वितीय है।
  • दृश्य: स्वर्गारोहिणी (Swargarohini) चोटी, बंदरपूंछ (Bandarpunch) और कलकतिया धार (Kalkatiyadhar)
  • प्रमुख स्थान और विवरण:
    • आधार शिविर: सांकरी (Sankri) इस ट्रेक का मुख्य आधार शिविर है, जो देहरादून से लगभग 200 किमी की दूरी पर है।
    • मार्ग (Route): यह रास्ता तालुका गांव से शुरू होता है और सुपिन नदी (Supin river) के किनारे-किनारे गंगार और ओसला (Osla) जैसे पुराने गांवों से होकर गुजरता है।
    • दृश्य: यहाँ से स्वर्गारोहिणी (Swargarohini) की चोटियाँ, बन्दरपूंछ (Bandarpunch) और काला नाग (Black Peak) के अद्भुत दृश्य दिखाई देते हैं।
    • नज़दीकी शहर: पुरोला (Purola) सबसे नज़दीकी शहर है, जहाँ बैंक और एटीएम जैसी सुविधाएँ हैं।

हर की दून (Har Ki Dun) ट्रेक की कुल दूरी आमतौर पर 44 से 50 किलोमीटर (राउंड ट्रिप - सांकरी से सांकरी) होती है। यह ट्रेक आमतौर पर 6-7 दिनों में पूरा होता है और इसमें सांकरी से हर की दून घाटी तक की चढ़ाई शामिल है। मुख्य आकर्षण मारिंडा झील (Marinda Tal) की अतिरिक्त दूरी के साथ यह ट्रेक लगभग 50 किमी का बन जाता है।

ट्रेक की मुख्य विशेषताएं और दूरी:
  • बेस कैंप: सांकरी गाँव (Sankri Village)।
  • कुल ट्रेकिंग दूरी (आना-जाना): लगभग 44 - 50 किलोमीटर।
  • अवधि: 6-7 दिन (देहरादून से देहरादून)।
अधिकतम ऊंचाई: लगभग 12,000 फीट से 12,720 फीट तक।कठिनाई: आसान से मध्यम (Easy to Moderate)।
विस्तृत रूट और दूरी:
ट्रेक की शुरुआत आमतौर पर सांकरी से तालुका (10-12 किमी) तक गाड़ी से जाने के बाद होती है, फिर पैदल यात्रा की जाती है।
 
हर की दून (Har Ki Dun) ट्रेक के लिए सबसे अच्छा समय अप्रैल से जून (गर्मियां) और सितंबर से नवंबर (पतझड़) के बीच माना जाता है। सुखद मौसम, खिले हुए फूल और साफ नजारों के लिए अप्रैल-जून और मानसून के बाद के साफ आसमान और हरियाली के लिए सितंबर-नवंबर बेहतरीन हैं।
ऋतु के अनुसार सर्वोत्तम समय (Best Season Breakdown):
  • वसंत और गर्मियां (मार्च - जून): यह समय फूलों की घाटी, रोडोडेंड्रोन (बुरांश) और सुहावने मौसम के लिए सबसे अच्छा है। इस दौरान दिन का तापमान 
     के बीच और रात में थोड़ा ठंडा रहता है।
  • मानसून के बाद (सितंबर - नवंबर): मानसून के बाद की हरियाली और साफ आसमान पहाड़ों के बेहतरीन नजारों के लिए यह सबसे बेहतरीन समय है
    । यह फोटोग्राफी के लिए भी बेहतरीन है।
सर्दियां (दिसंबर - मार्च): यदि आप बर्फ से ढकी घाटियों और साहसिक ट्रेकिंग के शौकीन हैं, तो आप सर्दियों में भी जा सकते हैं, लेकिन तब तापमान 
तक गिर सकता है।
 
सामान्य यात्रा कार्यक्रम (Itinerary):
  1. दिन 1: देहरादून से सांकरी (गाड़ी द्वारा)।
  2. दिन 2: सांकरी से तालुका (गाड़ी/ट्रेक) और तालुका से ओसला (ट्रेक)।
  3. दिन 3: ओसला से कलकतिया धार (कैंपिंग)।
  4. दिन 4: कलकतिया धार से हर की दून और वापस।
  5. दिन 5: हर की दून/कलकतिया धार से ओसला।
  6. दिन 6: ओसला से सांकरी।
  7. दिन 7: सांकरी से देहरादून।
ट्रेक के लिए सुझाव:
  • यह ट्रेक उत्तराखंड के गोविंद वन्यजीव अभ्यारण्य में स्थित है, इसलिए वन विभाग की अनुमति (Permit) जरूरी है।
  • "बिच्छू घास" (Bichu Ghaas) से सावधान रहें जो रास्ते के किनारे उगती है।
  • पर्याप्त गर्म कपड़े और अच्छी ट्रेकिंग के जूते साथ रखें।